विदेशी फिल्में हिंदी भाषा में

एक दौर ऐसा था जब हिंदीभाषी दर्शक विदेशी भाषा की फिल्में देखने से महरूम थे लेकिन अब तस्वीर बदली है। हिंदीभाषी इलाकों में पांव जमाने का हॉलीवुड स्टूडियो का सपना साकार हो रहा है। इस बाजार की संभावनाओं को देखते हुए ही हॉलीवुड फिल्में हिंदी के साथ तमिल, तेलुगू, भोजपुरी और कई अन्य भाषाओं में रिलीज हो रही हैं क्योंकि यहां मोटी कमाई की काफी गुंजाइश दिख रही है। सोनी पिक्चर्स ने तो स्पाइडर मैन 3 भोजपुरी में पेश करने की हिम्मत दिखा दी। ऐसे में फॉक्स स्टार, वायाकॉम 18, वॉल्ट डिज्नी जैसे विदेशी स्टूडियो अब हिंदी के साथ-साथ अनुमानत: 5 हजार करोड़ रुपये की हैसियत वाले क्षेत्रीय भाषा के फिल्म उद्योग में भी प्रवेश करने की तैयारी में हों तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। फिल्म कारोबार से जुड़े विश्लेषकों के अनुसार इन स्टूडियो की स्थानीय कमाई का 40-50 फीसदी हिस्सा अब भारतीय भाषाओं में डब की गई विदेशी फिल्मों से ही आता है। मेट्रो शहरों के बाद हॉलीवुड की निगाहें छोटे और मझोले शहरों पर टिक गई हैं। सोनी पिक्चर्स इंडिया के प्रबंध निदेशक कर्सी दारूवाला का कहना है कि सोनी पिक्सर्च लंबे अरसे से भारत में काम कर रही है और अब हम अपनी फिल्मों का दायरा छोटे और मझोले शहरों तक बढ़ाना चाहते हैं जो डब की गई फिल्मों के लिए खास बाजार है। हम हिंदी के साथ-साथ तमिल और तेलुगू डबिंग पर भी जोर दे रहे हैं। हमारी कुल कमाई में डब फिल्मों की हिस्सेदारी 15-20 फीसदी तक है।

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