फ़िल्म ‘द हंड्रेड बक्स’ के कलाकारों के साथ विष्णुप्रिया सिंह ने अपनी क़िताब लांच की

विष्णुप्रिया सिंह जो अभी १७ साल की हैं, इन्होने ये कहानी लिखी है।  संभवत: ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी किताब के रिलीज़ होने से पहले ही किताब पर फ़िल्म बनाने के अधिकार बिक गए और यह कहानी द हंड्रेड बक्स के साथ प्रतीत हुई! दुष्यंत प्रताप सिंह द्वारा निर्देशित द हंड्रेड बक्स डबल धमाल के लिए बिल्कुल तैयार है। फ़िल्म के कलाकारों कविता त्रिपाठी, जैद शेख, संगीतकार संतोख सिंह के साथ ये क़िताब का विमोचन हो चूका है और २१ फरवरी को फिल्म भी रिलीज हो रही है।

“मेरी बेटी, विष्णुप्रिया सिंह, जो एक बेहतरीन लेखिका भी है, मुझे आश्चर्य था कि इतनी कम उम्र में वह एक ऐसे विषय पर लिख सकती है जो दिल छूने वाली, यथार्थवादी और शानदार हो। जब मैंने पहली बार कहानी सुनी तो मुझे यकीन था कि यह एक फिल्म में आने लायक है और जैसा कि कहावत है, बाकी सब इतिहास है।” ऐसा एक प्राउड फादर कहते हैं जो इस फिल्म के निर्माता भी हैं दुष्यंत प्रताप सिंह। व मुख्य निर्माता रजनीश राम पुरी है।

द हंड्रेड बक्स की कहानी मुम्बई में एक रात की स्टोरी है, जो मोहिनी नाम की एक वेश्या और उसके ऑटोड्राइवर के इर्द-गिर्द घूमती है। वे पैसे के लिए ग्राहकों को खोजने में पूरी रात संघर्ष करते हैं, पुलिस, राजनेताओं आदि के साथ केवल १०० रुपये के लिए सौदा करते हैं, यह फिल्म इस बारे में है। यह उन महिलाओं के जीवन और दुखों की एक गंभीर कहानी है, जो पैसे कमाने के लिए ऐसे साधनों का चयन करती हैं, लेकिन उनके संघर्ष का कोई अंत नहीं है। इस फ़िल्म का सह-निर्माण संदीप पुरी, विभव तोमर, प्रतिमा तोतला और रीतू सिंह ने किया है।


https://www.youtube.com/watch?v=HCUAEp1Zdf4

 https://www.youtube.com/watch?v=qJwpMV6mAtQ

Comments

Popular posts from this blog

Prostitution should be Stop Immediately: Rajan Verma