पैसे का महत्व

कलियुग की दुनिया में पैसे का है बड़ा मोल

मनुष्य हर दिन करता है पैसे के लिए झोल


हर काम पैसे की वजन से तौला जाता है

कारीगर भी पैसे देखकर कार्य करता है


सरकारी कामों में पैसे का वेट ज्यादा होता है

जनता का वजन सिर्फ वोटिंग के दिन बढ़ता है


बच्चों को शिक्षा देना बिना पैसे के आसान नहीं 

मंदिरों में बिना पैसे के भगवान दर्शन संभव नहीं


-- लेखक शंकर मराठे

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