‘वेडिंग एनिवर्सरी’ २४ फरवरी, २०१७ को


हिंदी फिल्म ‘वेडिंग एनिवर्सरी’ २४ फरवरी, २०१७ को प्रदर्शित होगी

‘वेडिंग एनिवर्सरी’ यह एक इंडियन रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, निर्देशक शेखर एस झा और प्रस्तुतकर्ता भरत शाह है। यह एक रुपक कथा है और इसकी शूटिंग गोवा में की गई है। इसमें नाना पाटेकर और माही गिल की मुख्य भूमिका है। यह फिल्म २४ फरवरी, २०१७ को रिलीज होने वाली है।
फिल्म की स्टोरी कहानी (माही गिल) और निर्भय (प्रियांशु चटर्जी), जो मुंबई में रहते है, एक साल पहले उन दोनों गोवा में मुलाकात हुई थी। वह दोनों एक-दूसरे के लिए ही बने थे, दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई थी। दोनों के जीवन में नैतिकता और प्रिसिंपल थे। वे प्यार में पड़ गए और दोनों शादी कर ली। पहली बार जहां गोवा में मुलाकात हुई थी, वहां पर शादी की पहली सालगिरह का जश्न मनाने का फैसला किया। कहानी, गोवा में सुबह पहुंचने वाली थी और निर्भय शाम को आने वाला था।
कहानी पहले पहुंच जाती है और रात के लिए विशेष तैयारी करने में जुट जाती है। वह पहले स्पा जाती है और उसके बाद आवश्यक वस्तुएं की खरीदारी के लिए जाती है। इस एक दिन के समय के दौरान उसकी यात्रा में कुछ यादगार लोग मिलते है, जो उसके मन और दिल पर एक छाप छोड़ देते है। वह घर आती है और तैयारी करने में जुट जाती है। वह चाहती है कि इस विशेष पूर्व संध्या पर अपने पति के लिए एंजेल जैसा ड्रैस परिधान करूं।
वह बिल्कुल तैयार है। केक आ जाता है। सजावट भी पूरी हो जाती है।
उसे अपने पति निर्भय का कॉल आता है, जो उसे बताता है कि कुछ व्यावसायिक कारणों की वजह से फ्लाइट नहीं पकड़ पाया। उदास, दिल टूटकर और बिखरकर… कहानी सो जाती है।
दरवाजे की घंटी बजने से वह जाग जाती है और कहानी गुस्से के मूड़ में चली जाती और दरवाजा खोलती है। उसे निर्भय नहीं दिखाई देता है, मगर एक एलिएन चेहरा उसके सामने आकर खड़ा हो जाता है। यह नागार्जुन (नाना पाटेकर) है, जो एक बूढ़ा आदमी है और पेशे से एक लेखक है, जिसे एक रात के लिए आश्रय चाहिए। कहानी इसके लिए तैयार नहीं थी और उस पर किस तरह से प्रतिक्रिया व्यक्त करूं, यह पता नहीं था। लेकिन नागार्जून उसे समझाने में सफल होता है और वह मान जाती है।
कहानी, जो अपने पति के साथ इस विशेष रात बिताना चाहती थी, लेकिन अब एक एलिएन व्यक्ति के साथ फंसी हुई है। नागार्जून अगले ३-४ घंटों में कुछ अप्रत्याशित यात्रा बयां करता है, जिससे कहानी का प्रेम, जीवन और रिश्तों के बारे में दृष्टिकोण बदल जाता है। वह उसे एक नई दुनिया दिखाता है, जिसमें रिश्ते और प्यार को एक नया अर्थ है। इसके आगे क्या होता यह जानने के लिए फिल्म देखनी पड़ेगी।
इस फिल्म का संगीत मधुर है। इसके संगीतकार हैं अभिषेक रे और फिल्म में पाँच गीत हैं। फिल्म के निर्माता हैं वी के प्रोडक्शन के कुमार वी महंत और अछूत नायक। ज़ी म्यूजिक कंपनी ने फिल्म का संगीत रिलीज़ किया है।











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